Rog pratirodhak kshamata kaise badhaaye | रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये | how to boost immunity


अपने अगल बगल में हम लोग अक्सर देखते हैं कि एक प्रकार से दिखने वाले लोगों में कुछ लोगों को मौसमी बीमारी हो जाती है जबकि कुछ लोगों को मौसम बदलने के कारण होने वाली बीमारी नहीं होती है. कुछ लोगों पर मौसम या जीवाणु संबंधी संक्रमण का असर बहुत जल्दी हो जाता है जबकि कुछ लोगों को ऐसा नहीं होता है. आखिर इसका कारण क्या है? - इसका मुख्य कारण है कि जिनका रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़िया है उनको मौसम बदलने के कारण होने वाली बीमारी नहीं होती है और जिनका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़िया नहीं है उन्हें कोई भी बीमारी तुरंत हो जाती है. सर्दी, खांसी, बुखार इत्यादि बहुत ही सामान्य बीमारी है जो मौसम बदलने के साथ ही कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगो को हो जाती है.

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रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये
रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये

जिन लोगों का रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होता है उनको यह सब बीमारी जल्दी नहीं होती है मतलब उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता ऐसी छोटी मोटी बीमारियों से खुद ही लड़ लेता है. जो लोग मौसम बदलने के कारण बार-बार ऐसी बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं उनको यह समझ लेना चाहिए कि उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता साथ नहीं दे रहा है मतलब उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गया है. रोग प्रतिरोधक क्षमता की जाँच आप सर्दी के मौसम में आसानी से कर सकते हैं. यह मौसम रोग प्रतिरोधक क्षमता को जांचने के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है.
 
रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने का मुख्य कारण नीचे दिए गए है:

रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने का मुख्य कारण नीचे दिए गए है:
  • शरीर के वजन का कम होना
  • एंटीबायोटिक तथा दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा सेवन करना
  • नशा का सेवन करना
  • हमेशा तनाव में रहना
  • रात में कम सोना या बिना काम के हमेशा सोये रहना
  • शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का सेवन नहीं करना
  • शरीर में ज्यादा चर्बी का जमा होना
  • बहरी खाना जैसे फ़ास्ट फ़ूड तथा जंक फूड का ज्यादा सेवन करना
  • शारीरिक कार्य, व्यायाम, योग इत्यादि नहीं करना
  • प्रदूषित वातावरण में रहना
  • चीनी का ज्यादा सेवन करना
  • पानी कम पीना

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाकर हम छोटी-मोटी बीमारी जैसे - सर्दी, खांसी, बुखार इत्यादि से अपना बचाओ कर सकते हैं. अपने दिनचर्या में बदलाव करके तथा कुछ कुदरती उपाय आजमाकर हम अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त कर सकते हैं.  आइये जानते हैं कुछ उपाय जिनको अपनाकर हम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं:

रोजाना प्रयाप्त नींद लें और सुबह जल्दी उठें: प्रयाप्त नींद लेकर सुबह जल्दी उठना हमारे लिए बहुत जरुरी है. जल्दी उठने का मतलब यह नहीं है की आपकी नींद पूरी नहीं हुई और आप सुबह जल्दी जाग गए. रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कम सोने के कारण हमारे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल हार्मोन की बढ़ोतरी होती है जिससे तनाव बढ़ता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होता है. प्रयाप्त नींद लेकर सुबह जल्दी उठने के लिए "जल्दी सोऐं जल्दी जागें" सिद्धांत का पालन करें.

रोजाना व्यायाम या योग करें: जैसा की हम सब जानते हैं की व्यायाम तथा योग हमारी शरीर के लिए वरदान है. सुबह उठने के बाद नियमित रूप से व्यायाम या योग करना हमारे लिए बहुत ही आवशयक है. रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम अथवा योग जरूर करें. सुबह-सुबह नियमित व्यायाम करने से हमारे शरीर में एंजाइम तथा हार्मोन निकलते है जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहयोग करते हैं.


रोजाना सुबह का धूप लें: धूप भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवशयक है. सूर्य के प्रकाश से हमें विटामिन डी मिलता है जिससे शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. विटामिन डी से हमें रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है. यह हड्डियों को मजबूत बनता है तथा दिल से संबंधित बिमारियों को दूर रखती है. रोजाना का से काम 20 मिनट धुप हमरे शरीर में लगना चाहिए. बेहतर होगा कि व्यायाम या योग आप सुबह की धुप में करें इससे जरुरी विटामिन डी मिल जायेगा और समय भी बच जायेगा।

रोजाना सुबह का नास्ता समय से लें: सुबह का नास्ता समय से लेना हमारे लिए बहुत ही जरुरी है. नास्ता सुबह समय से लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़िया बनता है. हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म जितना बढ़िया होगा हमारा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी उतना ही बढ़िया होगा. बेहतर होगा की आप हर 4 - 4 घंटे पर स्वस्थ आहार लेते रहें. अपने आहार में दूध, दही, पनीर, सलाद इत्यादि को जरूर  शामिल करें.

रोजाना अश्वगंधा, अदरक, लहसुन इत्यादि का सेवन करें: अश्वगंधा, अदरक, लहसुन इत्यादि में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने वाले तत्व प्रचूर मात्रा में मौजूद हैं. ये सारी चीजें हमारे शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है. जरुरी नहीं की हम इन सभी को रोज खाये, इनमे से किसी एक का सेवन रोजाना जरूर करें. कच्चा लहसुन रोज खली पेट लेना बहुत फायदेमंद है लेकिन इसे कच्चा खाने से पुरे दिन मुँह से लहसुन की महक आती रहती है. इससे बचने के लिए लहसुन को छोटे-छोटे टुकड़े में काटकर पानी के साथ निगल लें.

रोजाना खट्टे फल का सेवन करें: खट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी, निम्बू, आंवला इत्यादि का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के लिए बहुत ही लाभकारी है. संतरा मौसम्बी न खा सके तो कोई बात नहीं लेकिन कम से कम एक निम्बू या एक आंवला रोजाना जरूर खाएं. खट्टे फलों में विटामिन सी मौजूद होता है जो कि मुक्त कण का असर काम करता है तथा हमारे शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है.

नियमित पानी पीते रहे: पानी पीना हमारे सेहत के लिए बहुत ही बढ़िया है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के लिए पानी खूब पियें। हम जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना ही ज्यादा हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थ बहार निकलेंगे। किडनी के रोग से ग्रस्त लोग जरुरत से ज्यादा पानी ना पियें. रोजाना कम से कम दो बार सुबह जागने के तुरंत बाद और रात में सोने से पहले गर्म पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता दुरुस्त रहता है. सुबह गर्म पानी में एक चम्मच शहद और 10 बूँद निम्बू का रस डालकर पीना और भी बेहतर है.



तो दोस्तों आज हमने जाना कि रोग प्रतिरोधक को कैसे बढ़ाया जा सकता है. उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको पसंद आएगी. अगर आपको रोग प्रतिरोधक के बारे में और भी कुछ जानना हो, तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं.



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